Organic Farming of Ginger
अदरक की जैविक खेती: परिचय: अदरक (Ginger) भारत की प्रमुख मसाला फसलों में से एक है, जिसका उपयोग मसाले, औषधि, आयुर्वेद और घरेलू उपचारों में बड़े पैमाने पर किया जाता है। बदलते समय में रासायनिक खेती से होने वाले नुकसान को देखते हुए अदरक की जैविक खेती किसानों के लिए एक लाभदायक और सुरक्षित विकल्प बनकर उभरी है। जैविक अदरक न केवल बाजार में अधिक कीमत दिलाती है, बल्कि मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने में भी सहायक होती है। किसान भाइयों इस लेख में हम- अदरक की जैविक खेती से जुड़ी हर महत्वपूर्ण जानकारी को विस्तार से समझेंगे जैसे- जलवायु, मिट्टी, बीज चयन, जैविक खाद, रोग-कीट नियंत्रण, लागत-लाभ और अधिक उत्पादन की उन्नत तकनीकें। अदरक का वानस्पतिक परिचय: वानस्पतिक नाम: ज़िंगिबर ऑफ़िसिनेल परिवार: जिंजिबेरेसी उपयोग: मसाला, औषधि, आयुर्वेद, चाय, सब्जी में उपयोगी है। खेती का प्रकार: भूमिगत कंद (Rhizome) फसल है। जलवायु और मौसम की आवश्यकता: जैविक अदरक की खेती के लिए गर्म एवं आर्द्र जलवायु सबसे उपयुक्त मानी जाती है। तापमान: 20°C से 30°C वर्षा: 150 से 300 सेमी (अच्छी जल निकास की व्यवस्था जरूरी ...