Organic Farming of Strawberry
स्ट्रॉबेरी की जैविक खेती: परिचय: स्ट्रॉबेरी एक उच्च मूल्य वाली नकदी फसल है, जिसकी मांग शहरों, होटल–रेस्तरां, बेकरी और प्रोसेसिंग उद्योगों में लगातार बढ़ रही है। रासायनिक खेती के मुकाबले जैविक स्ट्रॉबेरी की कीमत बाज़ार में ज्यादा मिलती है और उपभोक्ता भी इसे अधिक पसंद करते हैं। यह फसल कम समय में तैयार होती है और यदि जैविक तकनीकों का सही उपयोग किया जाए तो प्रति एकड़ लाखों की आमदनी संभव है। किसान मित्रों आज इस लेख में हम स्ट्रॉबेरी की जैविक खेती की संपूर्ण विधि, आवश्यक जलवायु, खेती की तकनीक, जैविक खाद, रोग प्रबंधन, उत्पादन लागत, लाभ-हानि और मार्केटिंग के बारे में विस्तृत जानकारी जानेंगे। स्ट्रॉबेरी की जैविक खेती के लिए उपयुक्त जलवायु: स्ट्रॉबेरी ठंडे और संतुलित मौसम की फसल है। ☑️ जरूरी परिस्थितियां: तापमान: 15°C से 25°C आदर्श है अधिकतम सहनशील तापमान: 30°C धूप: 5 से 6 घंटे नमी: मध्यम और नियंत्रित हवा का उचित प्रवाह ☑️ खेती के लिए सर्वश्रेष्ठ क्षेत्र: हिमाचल प्रदेश उत्तराखंड जम्मू–कश्मीर महाराष्ट्र (महाबलेश्वर) राजस्थान (कोटा, उदयपुर) मध्य प्रदेश, पंजाब, हरियाणा क...