Organic Farming of Ladyfinger (Okra)
भिंडी की जैविक खेती: परिचय: भारत में भिंडी, जिसे कई स्थानों पर “लेडीज़ फिंगर” या “ओकरा” भी कहा जाता है, एक अत्यंत लोकप्रिय हरी सब्जी है। पूरे देश में इसकी मांग सालभर रहती है, इसलिए इसका बाजार मूल्य भी स्थिर रहता है। आज के समय में जब उपभोक्ता रासायन रहित, सुरक्षित और पौष्टिक सब्जियों की ओर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं, तब भिंडी की जैविक खेती किसानों के लिए एक बेहतरीन मुनाफ़े का अवसर बन चुकी है। जैविक तरीके से उगाई गई भिंडी न केवल स्वास्थ्य के लिए बेहतर होती है, बल्कि इससे किसान को अधिक दाम और स्थायी उपज भी मिलती है। रासायनिक खेती की तुलना में जैविक खेती में मिट्टी की उर्वरता बढ़ती है और उत्पादन की लागत भी कम होती है। किसान भाइयों इस लेख में आज आप जानेंगे- भिंडी की जैविक खेती कैसे करें? इसके लिए जलवायु क्या चाहिए, तापमान कितना चाहिए, बीज का चयन, खेत की तैयारी, जैविक खाद, सिंचाई, रोग-कीट प्रबंधन, उत्पादन, लागत-लाभ विश्लेषण और मार्केटिंग की पूरी जानकारी। जलवायु एवं पोषण: जलवायु- भिंडी एक गर्म मौसम की फसल है जो 25 से 35°C तापमान में अच्छे से बढ़ती है। पोषक तत्व- जैविक ख...