Organic Turmeric Farming
हल्दी की जैविक खेती: हल्दी का परिचय : हल्दी भारतीय कृषि और आयुर्वेद का एक अत्यंत महत्वपूर्ण मसाला एवं औषधीय फसल है। भारत विश्व में हल्दी का सबसे बड़ा उत्पादक, उपभोक्ता और निर्यातक देश है। बदलते समय में जैविक हल्दी की मांग तेजी से बढ़ रही है, क्योंकि इसमें रासायनिक अवशेष नहीं होते और औषधीय गुण अधिक पाए जाते हैं। हल्दी की जैविक खेती किसानों को कम लागत में अधिक मुनाफा , मिट्टी की उर्वरता में वृद्धि और पर्यावरण संरक्षण का अवसर देती है। किसान भाइयों इस लेख में हम हल्दी की जैविक खेती की पूरी प्रक्रिया को विस्तार से समझेंगे जैसे- हल्दी की जैविक खेती कैसे करें? और जानिए जलवायु, तापमान, मिट्टी का चयन, उन्नत किस्में, जैविक खाद, बुवाई की वधि, सिंचाई, रोग-कीट नियंत्रण, पैदावार, लागत और लाभ की पूरी जानकारी। हल्दी का वानस्पतिक परिचय: वैज्ञानिक नाम: करकुमा लोंगा कुल का नाम: जिंजिबेरेसी इसका उपयोग: मसाला, औषधि, सौंदर्य प्रसाधन, धार्मिक कार्य इत्यादि। हल्दी के लिए जलवायु और तापमान: हल्दी की जैविक खेती के लिए गर्म एवं आर्द्र जलवायु सबसे उपयुक्त मानी जाती है। उपयुक्त ता...