How to Make all Types of Organic Pesticides
सभी प्रकार के जैविक कीटनाशक कैसे बनाएं:
🟩 किसान भाइयों जानिएं सभी प्रकार के “जैविक कीटनाशक” बनाने की संपूर्ण विधि और उसका उपयोग एवं फायदे:
परिचय:
कृषि में रासायनिक कीटनाशकों के अत्यधिक उपयोग से मिट्टी की उर्वरता गिरती है, फसलों की गुणवत्ता कम होती है और पर्यावरण को नुकसान पहुंचता है। ऐसे में जैविक कीटनाशक किसानों के लिए सुरक्षित, सस्ते और प्रभावी विकल्प साबित हो रहे हैं। ये कीटनाशक घर पर आसानी से उपलब्ध प्राकृतिक पदार्थों जैसे नीम, लहसुन, गोमूत्र, मिर्च, देशी जड़ी-बूटियों और जीवाणु आधारित घोलों से बनाए जाते हैं।
आइए चलिए इस लेख में आप जानेंगे:
☑️ जैविक कीटनाशक क्या हैं ।☑️ इन्हें तैयार करने की क्रमशः विधि क्या है☑️ कौन-सा कीटनाशक किस कीट पर असरदार है☑️ उपयोग मात्रा और सावधानियां क्या हैं ।☑️ लागत और लाभ क्या-क्या है।
चलिए विस्तृत जानकारी शुरू करते हैं।
जैविक कीटनाशक क्या होते हैं?:
जैविक कीटनाशक वे प्राकृतिक तत्वों पर आधारित कीटनाशक हैं जो पौधों को कीट, फफूंद, लाइकन, वायरस और बैक्टीरिया से सुरक्षित रखते हैं।
ये मानव, पशु, पक्षी और मिट्टी के जीवों के लिए हानिकारक नहीं होते।
इनके स्रोत होते हैं:
- पौधे
- सूक्ष्मजीव
- घरेलू पदार्थ
- गोमूत्र/गोबर
- खनिज यौगिक
- हर्बल अर्क
सबसे प्रभावी और लोकप्रिय जैविक कीटनाशक
☑️ आवश्यक सामग्री:
- नीम का तेल - 50 ml
- किसी भी प्रकार का सौम्य साबुन - 10 ml
- पानी - 1 लीटर
- एक बर्तन में पानी लें।
- साबुन मिलाएं ताकि नीम तेल पानी में अच्छी तरह से घुले।
- अब नीम तेल मिलाकर 2 से 3 मिनट अच्छी तरह चलाएं।
- आपका नीम तेल स्प्रे तैयार!
☑️ किस कीट पर असरदार?:
- सफेद मक्खी
- माहू
- थ्रिप्स
- रस चूसक कीट
- लाल मकड़ी
- लीफ माइनर
- फफूंद संक्रमण
- 7 दिन के अंतराल पर
- सुबह या शाम के समय छिड़कें
- पत्तों के नीचे और ऊपर दोनों तरफ स्प्रे करें
श्री सुभाष पालेकर (SPNF) पद्धति का अत्यधिक शक्तिशाली देसी कीटनाशक।
☑️ आवश्यक सामग्री:
- गोमूत्र - 10 लीटर
- नीम की पत्ती - 2 किलो
- लहसुन - 250 ग्राम
- अदरक - 250 ग्राम
- हरी मिर्च - 1 किलो
- गोमूत्र को गर्म करें।
- इसमें सभी सामग्री बारीक पीसकर डालें।
- 3 दिनों तक इसे ढककर रखें और हर दिन 2 बार चलाएं।
- फिर इसे छानकर बोतल में भर लें।
- तना छेदक कीट
- फल छेदक कीट
- इल्ली कीट
- माहू कीट
- रस चूसने वाले कीट
- 3 से 5% घोल
- 15 दिन के अंतराल पर करें
पत्तेदार कीटों और इल्ली के लिए सबसे ज्यादा कारगर है।
☑️ आवश्यक सामग्री:
- नीम की पत्ती - 3 किलो
- बेल की पत्ती - 1 किलो
- धतूरा - 1 किलो
- करंज पत्ते (डिठोहर के पत्ते) - 1 किलो
- अरंडी पत्ते - 1 किलो
- गोमूत्र - 10 लीटर
- सभी पत्तों को बारीक काटें।
- गोमूत्र में मिलाकर धीमी आँच पर 2 घंटे उबालें।
- 48 घंटे ठंडा होने दें।
- फिर छानकर सुरक्षित रख लें।
- तना छेदक
- पत्ते काटने वाली इल्ली
- अंडे और लार्वा
- 4 से 5% मिश्रण
- 12 से 15 दिन के अंतराल पर स्प्रे करें।
10 प्रकार की पत्तियों से बनने वाला अत्यंत प्रभावी मिश्रित हर्बल कीटनाशक।
☑️ 10 मुख्य पत्तियां:
- नीम पत्ती
- धतूरा फल पत्ती
- करंज (डिठोहर के पत्ते)
- आंबा (आम के पत्ते)
- अरंडी (रेड़ी के पत्ते)
- गम्हार (सागौन के पत्ते)
- बेर पत्ती
- बेल पत्ती
- पेपरमिंट पत्ती या तेल
- पपीता पत्ती
- गोमूत्र
- पत्तियां कुल - 5 किलो
- गोमूत्र - 5 लीटर
- पानी - 10 लीटर
- सभी पत्तों को काटकर बर्तन में डालें।
- गोमूत्र और पानी मिलाकर 15 दिन तक खमीर उठने दें।
- प्रतिदिन 2 बार लकड़ी से हिलाएं।
- छानकर उपयोग करें।
- हर प्रकार के कीट पर असरदार
- फफूंद रोगों में भी सहायक
- पूरी तरह जैविक
- 5% घोल
- महीने में 2 बार
घर में भी तैयार किया जा सकने वाला अत्यंत सरल कीटनाशक।
☑️ आवश्यक सामग्री:
- लहसुन - 100 ग्राम
- हरी मिर्च या लाल मिर्च - 100 से 150 ग्राम
- पानी - 1 लीटर
- नीम तेल - 10 ml (वैकल्पिक)
- लहसुन और मिर्च को पीसकर पानी में मिलाएं।
- 24 घंटे ढककर रखें।
- छानकर बोतल में भरें।
- नीम तेल मिलाकर उपयोग करें।
- रस चूसक कीट
- माइट्स
- थ्रिप्स
- कीटों के अंडे
- 10% घोल
- 7 से 10 दिन के अंतराल पर
☑️ आवश्यक सामग्री:
- गोमूत्र - 5 लीटर
- पानी - 5 लीटर
- गोमूत्र को 5–7 दिनों तक सुरक्षित रखें।
- 1:1 पानी मिलाकर स्प्रे करें।
- बैक्टीरिया और फफूंद का नाश
- पौधों की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है
- सस्ता और अत्यधिक प्रभावी
☑️ आवश्यक सामग्री:
- छाछ - 1 लीटर
- पानी - 10 लीटर
- छाछ को 4 से 5 दिनों तक खमीर उठने दें।
- पानी मिलाकर अच्छी तरह हिलाएं।
- पाउडरी मिल्ड्यू
- डाउनी मिल्ड्यू
- ब्लाइट
- 10% घोल
- सप्ताह में एक बार
☑️ आवश्यक सामग्री:
- लकड़ी की राख - 1 किलो
- पानी - 4 लीटर
- राख को पानी में उबालें।
- 12 घंटे ठंडा होने दें।
- छानकर स्प्रे करें।
- रस चूसक कीटों का नाश
- कैल्शियम और पोटाश प्रदान करता है
नोट: भोजन वाली फसलों पर सीमित प्रयोग करना है।
☑️ आवश्यक सामग्री:
- सूखी तंबाकू - 200 ग्राम
- पानी - 4 लीटर
- तंबाकू को 24 घंटे पानी में भिगोएं।
- छानकर स्प्रे करें।
- माहू
- सफेद मक्खी
- थ्रिप्स
☑️ आवश्यक सामग्री-
- बेकिंग सोडा - 10 ग्राम
- पानी - 1 लीटर
- लिक्विड साबुन - 1 चम्मच
सबको मिलाकर अच्छी तरह घोलें और स्प्रे करें।
☑️ किस पर उपयोग करें?:
- फफूंद रोग
- पाउडरी मिल्डयू
☑️ छिड़काव का सही समय:
- सुबह 6 से 9 बजे तक या
- शाम 5 से 7 बजे तक
- पत्तेदार फसलें: 4 से 5%
- फलदार वृक्ष: 8 से 10%
- सब्जियां: 5 से 7%
✅️ महत्वपूर्ण सावधानियां:
☑️ तेज धूप में स्प्रे न करें।☑️ बारिश से एक दिन पहले स्प्रे न करें।☑️ हमेशा पहले छोटे पौधे पर टेस्ट करें।☑️ छिड़काव के बाद 3 घंटे पानी न दें।
जैविक कीटनाशक के फायदे:
☑️ किसानों के लिए…
- लागत कम
- उत्पादन गुणवत्ता बेहतर
- फसल अवशेष रहित
- मिट्टी में सूक्ष्मजीव बढ़ाते हैं।
- पक्षियों और लाभकारी कीटों को नुकसान नहीं
- खाने में रसायनों का जोखिम कम
- पूरी तरह सुरक्षित और प्राकृतिक
🔶️ मेरा व्यावहारिक सुझाव 🔶️
1️⃣ ताजा सामग्री का उपयोग करें-
नीम की पत्तियां, लहसुन, मिर्च या अन्य जड़ी-बूटियां हमेशा ताजी लें। इससे कीटनाशक की प्रभावशीलता अधिक होती है।
2️⃣ हमेशा छानकर ही स्प्रे करें-
स्प्रे मशीन के नोज़ल जाम न हों इसलिए हर घोल को कपड़े या महीन छलनी से छानकर ही उपयोग करें।
3️⃣ पहले छोटे क्षेत्र पर परीक्षण करें-
किसी भी नए जैविक कीटनाशक को पूरे खेत में उपयोग करने से पहले 4-5 पौधों पर परीक्षण जरूर करें।
4️⃣ नियमित उपयोग जरूरी है-
जैविक कीटनाशक रासायनिक दवाओं की तरह तुरंत असर नहीं करते, इसलिए 7-15 दिन के अंतराल पर नियमित छिड़काव करें।
5️⃣ सुबह या शाम में ही स्प्रे करें-
तेज धूप में छिड़काव करने से घोल जल्दी सूख जाता है और उसका असर कम हो जाता है।
6️⃣ मिश्रण की सही मात्रा रखें-
अधिक मात्रा में घोल डालने से पत्तियां जल सकती हैं, इसलिए बताई गई प्रतिशत मात्रा का ही पालन करें।
7️⃣ बारिश से पहले स्प्रे न करें-
अगर बारिश की संभावना हो तो छिड़काव टाल दें, क्योंकि बारिश घोल को धो सकती है।
8️⃣ घोल को ज्यादा दिनों तक न रखें-
अधिकांश जैविक घोल 7-15 दिन के अंदर उपयोग करना बेहतर रहता है।
❓️FAQs: लोगों द्वारा अक्सर पूछे जाने वाले सवाल-
Q1) क्या जैविक कीटनाशक रासायनिक दवाओं जितने प्रभावी होते हैं?
👉 Ans) हाँ, यदि इन्हें सही समय और सही मात्रा में नियमित रूप से उपयोग किया जाए तो ये बहुत प्रभावी होते हैं।
Q2) क्या एक ही कीटनाशक सभी कीटों पर काम करता है?
👉 Ans) नहीं, अलग-अलग कीटों के लिए अलग जैविक घोल अधिक प्रभावी होते हैं। जैसे नीम तेल रस चूसक कीटों पर अच्छा काम करता है जबकि अग्निास्त्र इल्ली और तना छेदक पर अधिक असरदार है।
Q3) क्या जैविक कीटनाशक सब्जियों और फलों में सुरक्षित हैं?
👉 Ans) हाँ, ये पूरी तरह प्राकृतिक होते हैं और इनके उपयोग से फसल में हानिकारक रसायन नहीं रहते।
Q4) जैविक कीटनाशक कितने दिनों में असर दिखाते हैं?
👉 Ans) आमतौर पर 2-3 दिनों में असर दिखना शुरू हो जाता है, लेकिन पूर्ण नियंत्रण के लिए नियमित स्प्रे जरूरी है।
Q5) क्या इनका उपयोग सभी फसलों में किया जा सकता है?
👉 Ans) हाँ, ये लगभग सभी फसलों जैसे सब्जियां, फलदार पेड़, अनाज और दालों में उपयोग किए जा सकते हैं।
Q6) क्या इन्हें घर पर बनाना सुरक्षित है?
👉 Ans) हाँ, लेकिन बनाते समय साफ बर्तन का उपयोग करें और सही मात्रा का ध्यान रखें।
Q7) क्या जैविक कीटनाशक फफूंद रोगों पर भी काम करते हैं?
👉 Ans) हाँ, छाछ घोल, नीम तेल और बेकिंग सोडा स्प्रे फफूंद रोगों को नियंत्रित करने में मदद करते हैं।
📌 निष्कर्ष:
जैविक कीटनाशक आज की जरूरत हैं क्योंकि ये न सिर्फ कीट नियंत्रण में प्रभावी हैं बल्कि फसल की गुणवत्ता, पर्यावरण और खेती की आर्थिकता को भी सुरक्षित रखते हैं। ऊपर दिए गए सभी जैविक कीटनाशक घर में या खेत में आसानी से तैयार किए जा सकते हैं और यह पूरी तरह सुरक्षित, सस्ते और उच्च गुणवत्ता वाली खेती को बढ़ावा देते हैं।
✍️ लेखक परिचय:
मैं लेखक सी.एल. साहनी, कृषि एवं जैविक खेती सलाहकार, यह लेख प्राकृतिक खेती और जैविक कृषि तकनीकों के अध्ययन तथा किसानों के व्यावहारिक अनुभवों के आधार पर लिखा गया है। इस ब्लॉग लेख का उद्देश्य किसानों को कम लागत, सुरक्षित और पर्यावरण-अनुकूल कीट नियंत्रण उपाय उपलब्ध कराना है।
इस ब्लॉग लेख में दी गई सभी विधियां प्राकृतिक खेती (Natural Farming) और जैविक कृषि पद्धतियों पर आधारित हैं, जिन्हें किसान भाई अपने खेतों में आसानी से अपना सकते हैं।
📌 महत्वपूर्ण नोट:
किसी भी जैविक कीटनाशक का बड़े स्तर पर उपयोग करने से पहले छोटे क्षेत्र में परीक्षण अवश्य करें।
📢 किसान भाइयों,
अगर यह जानकारी उपयोगी लगी हो तो इसे अन्य किसानों के साथ जरूर साझा करें।
आपका एक शेयर किसी किसान की आय बढ़ाने में मदद कर सकता है।
📌 खेती से जुड़ा कोई भी प्रश्न हो तो कमेंट में जरूर पूछें।
📌 आपकी सफलता ही हमारी प्रेरणा है।
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मेरा मिशन:
“स्वस्थ मिट्टी, स्वस्थ फसल, स्वस्थ किसान, स्वस्थ भारत”
धन्यवाद 🙏लेखक: सी.एल. साहनी,कृषि एवं जैविक खेती सलाहकारBy: Good Lifecl Blog
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✔️ घरेलू और कृषि उपयोग के लिए सभी प्रकार के जैविक कीटनाशकों को बनाने की विस्तृत एवं संपूर्ण विधि जानिए। नीम तेल, अग्निास्त्र, दशपर्णी अर्क, लहसुन-मिर्च स्प्रे, गौमूत्र आधारित कीटनाशक, हर्बल फफूंदनाशक सहित प्रभावी देसी नुस्खे, सामग्री, उपयोग मात्रा और लाभ यहाँ पढ़ें।


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